वर्तनी
वर्तनी:-लिखने का सही तरीका वर्तनी कहलाता है। इसे हिज्जे या अक्षरी भी कहते है। वर्तनी का सीधा सम्वय उच्चारण से होता है| हिन्दी मे जो बोला जाता है वह लिखा जाता है। वर्तनी अशुद्ध है, तो वर्तनी भी अशुद्ध होती है।
कुछ अशुद्धियाँ निम्न है।
1. ‘अ’ व ‘आ’ सम्बधी अशुद्धियाँ
अशुद्ध -शुद्ध
- अहार- आहार
- अनाधिकार – अनधिकार
- अगामी – आगामी
- आजकाल – आजकल
- अजमाइश – आजमाइश
- आधीन अधीन
- अन्ताक्षरी – अन्त्याक्षरी
- चहारदीवारी – चहारदीवारी
- अविष्कार- आविष्कार
- अशीर्वाद = आशीर्वाद
2. “इ” “ई” सम्बधी अशुद्धियों
अशुद्ध -शुद्ध
- अशिवाद = आशीर्वाद
- इद = ईद
- इश्वर = ईश्वर
- इसाई = ईसाई
- गोदावरि = गोदावरी
- जिरा = जीरा
- तिर्थ = तीर्थ
- तुलासदास = तुलसीदास
- दिपिका – दीपिका
- दिवाली- दीवाली
- एनरिक्षण- निरीक्षण
- निरसता – नीरसता
- पात्न = पत्नी
- पिदी = पीढ़ी
- पिताम्बर – पीताम्बर
- अतिधी – अतिथि
- अभीनेता – अभिनेता
- तत्कालिक – तात्कालिक
- नदान -नादान
- निरान्न – निरन्न
- नराज -नाराज
- प्रमाणिक – प्रामाणिक
- बदाम -बादाम
- ब्रह्मण – ब्राह्मण
- भगीरथी -भागीरथी
- व्यवसायिक – व्यावसायिक
- सप्ताहिक – साप्ताहिक
- संसारिक – सासारिक
- दुरावस्था – दुरवस्था
- बारात -बरात
- हस्ताक्षेप -हस्तक्षेप
- हाथिनी – हथिनी
3- “उ” तथा ‘ऊ” सम्वधी अशुद्धियों
अशुद्ध- शुद्ध
- अनुदित = अनूदित
- उधम = ऊधम
- उष्मा = ऊष्मा
- जरूरत = जरूरत
- तुफान- तूफान
- दुसरा = दूसरा
- “ॠ” सम्बधी
- अनुग्रहीत = अनुगृहीत
- त्रितीय -तृतीय
- टकोण-त्रिकोण
- पैत्रिक = पैतृक
- रिगवेद -ऋग्वेद
- रिणी- ऋणी
- रितु -ऋतु
- संग्रहीत -संगृहित
5. ए तथा ऐ सम्बंधी अशुद्धियाँ
शुद्ध – अशुद्ध
- केटीन – कैटरीन
- एक्ट -ऐक्ट
- केविनेट -कैबिनेट
- जैसा = जैसा
- टेक्स – टैक्स
- शनेः शनै – शनै: शनै
- पैस – पैसा
- चाहिऐ -चाहिए
- फैल -फेल
- फैकना – फेकना
- वेश्य – वैश्य
- महमेले -मटमैले
- मेनेजर – मैनेजर
- मैसूर – मैसूर
- सेनिक – सैनिक
- भाषाऐ -भाषाएँ
- योग्ताऐ – योग्ताएं
- वैश्या -वेश्या
- सैना – सेवा
6. ओ तथा औ सम्बंधी अशुद्धिणे
अशुद्ध -शुद्ध
- अक्षोहिणी – अक्षौहिणी
- अलोकिक – अलौकिक
- सबै गौरव – गौरव
